सुविचार अभियान के तहत भैया जी जोशी देंगे ग्राम विकास का सूत्र

संवाददाता- डॉ. लोकेश तिवारी
सरोज देवी फाउंडेशन, अपना संस्थान, एफईएस एवं गोयल ग्रामीण विकास संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में चलाए जा रहे सुविचार अभियान (सुरभी विहार चारागाह रक्षण अभियान) के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सर कार्यवाह एवं वर्तमान में अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भैया जी जोशी का द्वि दिवसीय कार्यक्रम आरसीएम वर्ल्ड, स्वरूपगंज, रिको ग्रोथ सेन्टर भीलवाड़ा में होगा। इसे लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसे आरसीएम समूह एवं सरोज देवी फाउंडेशन के संरक्षक तिलोकचंद छाबड़ा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाहक डॉ. शंकर लाल माली, अपना संस्थान के राजस्थान क्षेत्र प्रमुख विनोद मेलाना, एफईएस के राजस्थान हेड शांतनुराय सिन्हा ने संबोधित किया । इसमें बताया गया कि सुविचार अभियान का मुख्य उद्देश्य चारागाह विकास, प्राकृतिक (रसायन मुक्त) खेती और जल संरक्षण है। इन विषयों पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं का समागम 30 और 31 अगस्त को होगा जिसमें  सुरेश जी (भैया जी) जोशी राजस्थान भर से आए पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास, गौ सेवा और भारतीय किसान संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं को प्राप्त होगा। इसमें जिले के 100 से अधिक गांवो की चरागाह समिति के पदाधिकारी भी भाग लेंगे। सुविचार अभियान के विनोद मेलाना ने बताया कि इस आयोजन में राजस्थान के चारागाह विकास के तकनीकी विशेषज्ञ कार्यकर्ता भी भाग लेंगे। वहीं रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए श्रीरामशांताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. पवन कुमार अपनी पूरी टीम के साथ उपस्थित रहेंगे। भीलवाड़ा जिला राज्य का तीसरा सबसे बड़ा चारागाह क्षेत्र है. लेकिन ग्रामवासियों की उपेक्षा के कारण इनका संरक्षण व समृद्धि प्रभावित हुई है। भैया जी जोशी के मार्गदर्शन से इस दिशा में नई ऊर्जा मिलने की संभावना है।
आरसीएम समूह एवं सरोज देवी फाउंडेशन के संरक्षक तिलोकचंद छाबड़ा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गांवों में रोजगार बढ़ाना, पशुधन को समृद्ध करना और पलायन को रोकना है। उन्होंने कहा कि गांव तभी समृद्ध होंगे जब आय के संसाधन बढ़ेंगे, इसलिए हमें लक्ष्य बनाकर गांवों को फोकस करना होगा। अपना संस्थान के राजस्थान क्षेत्र प्रमुख विनोद मेलाना ने उम्मीद जताई कि जोशी जी के नेतृत्व में चारागाह विकास, जल संरक्षण और रसायन मुक्त खेती को नई गति मिलेगी।
एफईएस के राजस्थान हेड शांतनुराय सिन्हा ने बताया कि जिले के चारागाह को विकसित कर जैव विविधता समृद्ध की जा सकती है। चारागाह में चारे की विभिन्न किस्मों के बीजों की बुवाई से पशुधन समृद्धि का व्यापक आधार तैयार हो जाता है। चारागाह में बने चैकडेम, कन्दूर एनिकट जल व मृदा संरक्षण को बढ़ावा देते है। सुविचार अभियान के समन्वयक महेश चन्द्र नवहाल के अनुसार जिले में चारागाह विकास, रसायन मुक्त खेती की व्यापक जनचेतना का आधार तैयार किया जा रहा है।
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